NGO का फुल फॉर्म क्या है? | What is the full form of NGO?

NGO का फुल फॉर्म क्या है?

Non Governmental Organization 

What is the full form of NGO?

 गैर सरकारी संगठन 

NGO Ek ऐसा संगठन है जो na तो सरकार का हिस्सा hai और न ही पारंपरिक लाभ का व्यवसाय/बिज़नेस hai। यह एक गैर-लाभकारी, गैर-व्यवसाय hai जो वरिष्ठ नागरिक, बच्चों, गरीबों, पर्यावरण आदि se संबंधित समस्याओं को हल करने के liye बनाया गया hai।

आम तौर पर, यह aam लोगों, नागरिकों द्वारा सेटअप किया jata है। एनजीओ चलाने ke लिए राजस्व के सामान्य स्रोत दान है। यह सरकारों (राज्य और केंद्र सरकार), व्यवसायों आदि द्वारा वित्त पोषित kiya जा सकता है। इसे समुदाय आधारित, शहर स्तर, राष्ट्रीय स्तर या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित kiya जा सकता है।

कभी-कभी, एनजीओ ko गैर लाभ संगठनों (NPO) के रूप में भी जाना जाता hai। एनजीओ किसी के द्वारा न तो “स्वामित्व” hai और न ही लाभांश के रूप में लाभ या आय वितरित कर सकता है। अपनी गतिविधियों से वे जो भी मुनाफा कमा सकते hai, उसे उचित गैर-लाभकारी गतिविधियों पर खर्च kiya जाता hai।

भारत के सबसे लोकप्रिय NGO

India’s most popular NGO

  • (CRY)
  • Give Foundation
  • GOONJ..a voice, an effort
  • HelpAge India
  • The Akshaya Patra Foundation (TAPF)
  • K C Mahindra Education Trust ( Nanhi Kali )
  • LEPRA India
  • Pratham Education Foundation

इतिहास

History

अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों ka इतिहास कम se कम अठारहवीं शताब्दी के अंत में है। यह अनुमान लगाया गया hai कि 1914 तक, 1083 गैर सरकारी संगठन थे। अंतर्राष्ट्रीय NGO गुलामी विरोधी आंदोलन और महिलाओं ke मताधिकार के liye आंदोलन में महत्वपूर्ण the, और विश्व निरस्त्रीकरण सम्मेलन the समय चरम पर पहुंच गए थे। हालांकि, “non-governmental organization” वाक्यांश केवल 1945 me संयुक्त राष्ट्र संगठन की स्थापना के साथ लोकप्रिय उपयोग me aya। 20 वीं शताब्दी ke दौरान वैश्वीकरण ने गैर-सरकारी संगठनों के महत्व को जन्म diya। विश्व गैर सरकारी संगठन दिवस 27 फरवरी को प्रतिवर्ष मनाया जाता hai। 17 अप्रैल 2010 ko इसे आधिकारिक रूप se मान्यता दी gyi और घोषित किया gaya था।

NGO के काम क्या क्या है ?

What is the work of NGO?

NGO के बारे में इतना जानने के बाद आप ज़रुर जानना चाह रहे honge की यह Organization क्या कार्य करती hai. NGO के कार्य: NGO द्वारा ऐसे कार्य किये जाते है जिससे गरीब – बेसहारा लोगों ki needs को pora किया जा सके और सिर्फ गरीब और बेसहारा ही नहीं बल्कि ऐसे और भी कार्य है जो NGO के द्वारा किये जाते है. क्या आपको NGO Ke Karya के बारे में जानकारी नहीं hai की इस Organization में क्या कार्य किये जाते है ? तो आगे जाने यह Organization क्या करती है. दुनिया भर me NGO विभिन्न प्रकार के समाज कल्याण और मानव कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते है. यह Organization निरंतर विकास ki दिशा में काम करते hai और समाज में positive परिवर्तन लाते hai. NGO ka कार्य जरुरतमंद लोगों की सहायता करना hai. यह गरीब बेसहारा logo के दुःख – दर्द को समझते है वह ऐसे कई सारे लोगों को ढूंढ ही लेते है जो इनके साथ-साथ गरीब लोगों की मदद कर सके. NGO का काम paisa कमाना नही होता यह लोगों ki मदद करने ka काम करती hai. यही NGO की विशेषता होती है. वैसे तो NGO द्वारा कई तरह ke कार्य किये जाते hai, लेकिन इसका मुख्य Purpose social कारणों par कार्य करना होता hai.

गैर सरकारी संगठन क्या है?

What is an NGO?

एनजीओ ko केंद्र सरकार के साथ पंजीकृत एक निश्चित सांस्कृतिक, शैक्षिक, धार्मिक ya सामाजिक कार्यक्रम ke रूप में परिभाषित किया जा सकता hai. NGO का पूर्ण रूप गैर-सरकारी संगठन hai, NGO ko कभी-कभी गैर-लाभकारी संगठन (NPO) के रूप में भी जाना जाता hai.

एनजीओ किसी के द्वारा न तो “स्वामित्व” hai और न ही लाभांश के रूप में लाभ वितरित कर सकता hai. आर्थिक गतिविधियों से वे जो भी मुनाफा कमा सकते हैं, उसे पुनः प्राप्त किया जाता hai या उचित गैर-लाभकारी गतिविधियों पर खर्च किया जाता ke. गैर-सरकारी संगठनों ke लिए राजस्व के सामान्य स्रोत दान hai, एकतरफा और बहुपक्षीय एजेंसियों se सदस्यता अनुदान, सदस्यता शुल्क, विविध स्रोतों aur ब्याज और निवेशों par लाभांश.

NGO कैसे बनाया जाता है ?

How is an NGO formed?

NGO कैसे बनाया जाता hai आइये जानते hai, दोस्तों अगर आप भी आपने koiएक NGO बनाने कि सोच रहे है या बाना चाहते ho तो me आपको बता दूँ के NGO बनाने ke लिए कुछ नियम का पालन krna पड़ता hai. एक और baat जो आपको पता होनी चाहिए NGO बनाने कि प्रक्रिया भी सभी State में अलग अलग है. किसी भी तरह के NGO ka गठन करने ke लिए आपके पास कम se कम 11 लोगो का होना बहुत ही आवश्यक hai.

NGO बनाते समय आपको अपने NGO ke लिए उद्धेश्य व sabhi नियम की एक लिस्ट तैयार kr लेने चाहिए. और जब आप NGO ka गठन कर चुके हो तो आपको आपने NGO ke लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, advisor, सदस्य आदि sabhi तय कर lena चाहिए. NGO में सभी लोगो ko अपने rights पता होने चाहिए. NGO ka गठन करने के लिए सभी के signature व sabhi सदस्यों कि मंजूरी honi चाहिए.

एन.जी.ओ. (NGO) किस प्रकार बनायें

NGO. How to form an NGO

एन.जी.ओ. (NGO)  समिति/ संगठन bnane से पहले आपको ye पता हो, कि aap के एन.जी.ओ. (NGO) ka कार्य किस प्रकार होगा, उसी ke आधार pr उसका रजिस्ट्रेशन hoga |

भारत में एन.जी.ओ. (NGO) का रजिस्ट्रेशन teen प्रकार से होता hai |तीनो ki अपनी अलग – अलग भूमिका है, और ise अलग – अलग कार्यों के  liye आवश्यकता अनुसार प्रयोग में लाया जाता hai, जो इस प्रकार hai |

  • सोसाइटी एक्ट
  • ट्रस्ट एक्ट
  • कंपनी एक्ट  
01.

सोसाइटी एक्ट

इस एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए “Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document” की जरुरत होती है । इसका रजिस्ट्रेशन सोसइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के  तहत किया जाता है |

सोसइटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन दो प्रकार से करवा सकते है | पहला राज्य के आधार पर करवा सकते है ,  जिसमे आप की समिति/ संगठन केवल राज्य में काम कर सकती है, और दूसरा केंद्र के आधार पर करवा सकते है, जिसमे आप की समिति पूरे देश या किसी भी राज्य में काम कर सकती है | 

राज्यों स्तर पर एन.जी.ओ. बनाने के liye कम से कम सात व्यकितयों ke समूह ki आवश्यकता होती hai, जिसमे प्रत्येक व्यकित अलग – अलग घरो ka होना चाहिए |

केंद्र स्तर पर एन.जी.ओ. बनाने ke लिए कम से कम आठ व्यकितयों के समूह ki आवश्यकता होती hai , जिसमे प्रत्येक व्यकित अलग – अलग राज्यों का hona चाहिए |

02.

कंपनी एक्ट

कंपनी एक्ट के तहत एन.जी.ओ. का रजिस्ट्रेशन करने ke लिए कम se कम दो की आवश्यकता होती hai | कंपनी एक्ट के तहत “Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document” hota  hai | कंपनी एक्ट ke तहत  समिति, पूरे bharat में यानि कहीं par काम कर सकती hai, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा वेरीफाईड होना अनिवार्य hoga |

03.

ट्रस्ट एक्ट

bharat के अलग-अलग राज्यों में ट्रस्ट अधिनियम hote hai, परन्तु अगर किसी राज्य me कोई ट्रस्ट अधिनियम नही है, तो उस राज्य में 1882 ट्रस्ट एक्ट  लागू होता है, इस अधिनियम के तहत कम se कम दो ट्रस्टीज होना आवश्यक hai |

इस अधिनियम ke तहत एन.जी.ओ.का रजिस्ट्रेशन करने ke लिए आपको चैरिटी कमिश्नर ya रजिस्ट्रार ke ऑफिस me आवेदन देना hoga ट्रस्ट एक्ट के तहत एन.जी.ओ. (NGO)  रजिस्टर करने के liye आपको (DEED) नामक डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होती hai ।

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