MLC का फुल फॉर्म क्या है? | What is the full form of MLC?

एमएलसी एक संक्षिप्त शब्द है जो “विधान परिषद के सदस्य” के लिए है, जबकि किसी भी सरकार की विधान परिषद को विधान परिषद के रूप में भी जाना जाता है। Bharat के किसी भी राज्य की विधान परिषद या Legislative Council State Legislature का ऊपरी सदन है जिसके सदस्यों की आंशिक रूप से recommendation की जाती है और आंशिक रूप से संबंधित निकायों द्वारा मतदान किया जाता है। स्थानीय निकाय, यानी नगरपालिकाएं, विधान सभा के सदस्य, राज्यपाल, शिक्षक और स्नातक, विधान परिषद के सदस्य का विकल्प चुनते हैं।

विधान परिषद एक स्थायी निकाय है क्योंकि इसे भंग नहीं किया जा सकता है; फिर भी, इसे कभी भी समाप्त किया जा सकता है, जब भी विधान सभा पूरी तरह से, संसद के अनुमोदन से, इसे समाप्त करने का निर्णय पारित करती है। विधान परिषद राज्य स्तर पर एक ऑपरेटिंग सिस्टम है और इसे भारत के संविधान में अनुच्छेद 169, 171(1), और 171(2) के तहत बनाया गया है। हाल ही में, विधान परिषद भारत के सात राज्यों में शासन कर रही है।

एमएलसी (MLC) का फुल फॉर्म

MLC full form in english “Member of Legislative Council” होता है, और हिंदी में MLC का फुल फॉर्म ‘विधान परिषद का सदस्य’ होता है।

विधान परिषद का एक सदस्य (MLC) स्थानीय निकायों (local bodies), राज्य विधान सभा (state legislative assembly), राज्यपाल (Governor), स्नातक और शिक्षकों द्वारा 6 साल के कार्यकाल के लिए इसका चुनाव किया जाता है। इस प्रक्रिया में प्रति 2 वर्ष में एक तिहाई सदस्य retired हो जाते हैं, और नए सदस्यों का चुनाव कर लिया जाता है |

MLC संक्षिप्त रूप के अन्य फुल फॉर्म

Full FormCategory
Michelle Lehmann CommunicationsMiscellaneous » Unclassified
MA in Language and CommunicationAcademic & Science » Language & Literature
Maintenance And Logistics CommandBusiness » Logistics
Management and Leadership CoachingBusiness » Management
Management and Leadership ConferenceBusiness » Management
Marine Logistics CommandBusiness » Logistics
Maritime Labor ConventionCommunity » Conferences
Math Learning CenterCommunity » Educational
Maximum Legal CarryGovernmental » Law & Legal
Maximum Legal CarryonGovernmental » Transportation
Meat and Livestock CommissionMedical » Veterinary
Medical Licensing CommissionMedical
Melbourne Ladies CollegeAcademic & Science » Colleges
Member Legislative CouncilGovernmental » State & Local
Metal Loss CorrectorAcademic & Science » Electronics
Methodists Ladies CollegeAcademic & Science » Colleges
Metropolitan Learning CenterCommunity » Educational

एमएलसी का चुनाव कैसे होता है?

MLC की voting जनता द्वारा प्रत्यक्ष मतदान से नहीं होता है.

  • 1/3 MLC का चुनाव नगर पालिका (election municipality), नगर निगम, ग्राम पंचायतों (gram panchayats) के सदस्यों द्वारा किया जाता है.
  • कुछ एमएलसी(MLC) जो कला, शिक्षा, विज्ञानं, खेल, साहित्य आदि क्षेत्रों के असामान्य व्यक्तियों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं.
  • एक 1/3 राज्य की विधान सभा (Assembly) के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं, जो राज्य विधान सभा के सदस्य नहीं हैं.
  • 1/12 सदस्यों को राज्य के अध्यापक द्वारा किया जाता हैं
  • और बचा हुआ 1/12 सदस्यों को स्नातक पास रजिस्टर्ड मतदाताओं द्वारा चुना जाता है.

राज्य सभा की तुलना में विधान परिषद:

  • परिषदों की विधायी ताक़त सीमित है। राज्यसभा के विपरीत, जिसके पास non-financial legislation को आकार देने की पर्याप्त शक्तियाँ हैं, विधान परिषदों के pass ऐसा करने के लिये constitutional mandate नहीं है।
  • विधानसभाएँ, परिषद द्वारा कानून में किये गए suggestions/संशोधनों को रद्द कर सकती हैं।
  • इसके अलावा राज्यसभा सांसदों के विपरीत, MLCs, राष्ट्रपति (President)और Vice President के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का चेयरमैन होता है जबकि परिषद का अध्यक्ष परिषद के किसी एक Member को ही चुना जाता है।
निर्वाचन पद्धति:
एक तिहाई MLC राज्य के विधायकों द्वारा चुने जाते हैं,
इसके अलावा 1/3 Member स्थानीय निकायों जैसे- नगरपालिका और ज़िला बोर्डों आदि द्वारा चुने जाते हैं,
1/12 members का निर्वाचन 3 वर्ष से अध्यापन कर रहे लोग चुनते हैं तथा 1/12 सदस्यों को राज्य में रह रहे teen वर्ष से स्नातक निर्वाचित करते हैं।
शेष members का नाम निर्देशन राज्यपाल द्वारा उन लोगों के बीच से किया जाता है जिन्हें साहित्य (Literature), ज्ञान (Knowledge), कला (art), सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा(cooperative movement) का विशेष ज्ञान तथा व्यावहारिक ज्ञान हो।  

संविधान में राज्य विधानपरिषद से जुड़े प्रावधान:

  • संविधान के sixth part में Article 168-212 तक राज्य विधानमंडल (दोनों सदनों) के गठन, कार्यकाल, नियुक्तियों, चुनाव, विशेषाधिकार एवं शक्तियों की व्याख्या की गई है।
  • इसके अनुसार, Legislative Assembly उच्च सदन के रूप में राज्य विधानमंडल (state legislature) का स्थायी अंग होता है।
  • वर्तमान में देश के 6 राज्यों -Andhra Pradesh, Bihar, Karnataka, Maharashtra, Telangana and Uttar Pradesh में विधानपरिषद है, केन्द्रशासित प्रदेश बनने से पहले Jammu and Kashmir में भी विधानपरिषद थी।
  • संविधान के Article 169, 171(1) और 171(2) में विधानपरिषद के गठन एवं संरचना से जुड़े नियम हैं।
  • संविधान का Article 169 किसी राज्य में विधानपरिषद के उत्सादन या सृजन का प्रावधान करता है, वहीं Article 171 विधानपरिषदों की structure से जुड़ा है।
  • संविधान के Article 169 के अनुसार, राज्यों को Legislative Assembly के गठन अथवा विघटन करने का अधिकार है, परंतु इसके लिये प्रस्तुत विधेयक का विधानसभा में विशेष अधिक संख्या (2/3) से पारित होना अनिवार्य है।

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