MLA का फुल फॉर्म क्या है?| Full form of MLA in Hindi

MLA का फुल फॉर्म क्या है?

विधान सभा के सदस्य

Full form of MLA

Member of Legislative Assembly 

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MLA का FULL FORM Member of Legislative Assembly होता hai। जिसे Hindi में विधायक (विधानसभा सदस्य) कहते hai। MLA विधानसभा का सदस्य होता hai जिसे किसी निर्वाचन क्षेत्र ki जनता की वोटिंग के आधार पर चुना जाता hai। विधानसभा में अनेक विधायक होते hai और इन्हीं विधायकों में से kisi एक को राज्य स्तर के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया जाता hai।

हमारे देश में जनसँख्या के आधार पर राज्यों को अलग अलग निर्वाचन छेत्र ke आधार पर विभाजित किया गया hai। और bharat के सभी राज्यों में अलग अलग समय पर पांच वर्ष वाद चुनाव होते hai। किसी एक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार की संख्या निश्चित nahi होती मतलब एक निर्वाचित छेत्र में कितने भी उम्मीदवार चुनाव के लिए खड़े हो सकते hai।

इन सबके अलावा उम्मीदवार किसी राजनीतिक partyका भी हो सकता hai और नहीं भी क्योंकि इसमें स्वतंत्र व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता hai। जो भी व्यक्ति बिना राजनीतिक party से लड़ता है उसे निर्दलीय उम्मीदवार कहते hai। इस चुनाव में जो भी उम्मीदवार जनता के वोट से जीत जाता hai वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का विधायक बन जाता hai।

हर पद की तरह विधायक बनने में भी उम्मीदवार में कुछ जरुरी योग्यता honi चाहिए। जैसे उसे भारत ka नागरिक hona आवश्यक hai। उसकी उम्र 25 वर्ष se अधिक होना चाहिए, किसी भी निर्वाचन छेत्र का मतदाता होना चाहिए or उम्मीदवार पागल या दिवालिया घोषित नहीं होना चाहिए।

हर राज्य में MLA का वेतन अलग अलग होता hai यह वेतन उन्हें विधायक निधि के अंतर्गत प्राप्त होता hai। हर राज्य में विधायक निधि 1 करोड़ से 4 करोड़ प्रतिवर्ष दी jati hai इससे ही विधायकों का वेतन दिया जाता hai। bharat में तेलंगाना राज्य के विधयाकों का वेतन सबसे अधिक लगभग 2.5 लाख मासिक hai। जबकि त्रिपुरा राज्य ke विधायकों को सबसे कम 34 हजार का मासिक वेतन दिया जाता hai।

  1. तेलंगाना 2.5 लाख रु.
  2. दिल्ली 2.10 लाख रु.
  3. उत्तर प्रदेश 1.87 लाख रु.
  4. महाराष्ट्र 1.70 लाख रु.
  5. जम्मू और कश्मीर 1.60 लाख रु.
  6. उत्तराखंड 1.60 लाख रु.
  7. आंध्र प्रदेश 1.30 लाख रु.
  8. हिमाचल प्रदेश 1.25 लाख रु.
  9. राजस्थान 1.25 लाख रु.
  10. गोवा 1.17 लाख रु.
  11. हरियाणा 1.15 लाख रु.
  12. पंजाब 1.14 लाख रु.
  13. झारखंड 1.11 लाख रु.
  14. मध्य प्रदेश 1.10 लाख रु.
  15. छत्तीसगढ़ 1.10 लाख रु.
  16. बिहार 1.14 लाख रु.
  17. पश्चिम बंगाल 1.13 लाख रु.
  18. तमिलनाडु 1.05 लाख रु.
  19. कर्नाटक 98 हजार रु.
  20. सिक्किम 86.5 हजार रु.

ऊपर दी गयी लिस्ट se आप जान सकते hai कि आपके राज्य के विधयाकों को कितनी salary मिलती hai। इन सबके अलावा विधायक को बहुत सी सरकारी सुविधा free मिलती hai जैसे खर्च, रहने की सुविधा or train में फ्री यात्रा आदि। अगर पांच साल का कार्यकाल बीते जाने के बाद वह अगला चुनाव हार जाता hai तो उसे pention के रूप में करीब 30 हजार रूपये मिलते hai।

तो अब आप जान गए होंगे कि विधायक और MLA कौन होता hai आपकी जानकारी के लिए बता दे UP में सबसे अधिक 403 MLA OR पुदुच्चेरी में सबसे कम 30 MLA hai। इस तरह भारत के 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश में कुल 4120 विधायक hai। आमतौर पर इससे जुड़े कई सवाल एग्जाम में भी पूछे जाते hai ऐसे में यह जानकारी आपके लिए हेल्पफुल साबित होगी।

•विधायक (MLA) का सबसे महत्वपूर्ण कार्य कानून बनाना hai।

•जैसा कि Bharat के संविधान – सातवीं अनुसूची (अनुच्छेद 246) dwara परिभाषित किया गया hai, विधायकों के पास सूची I

•राज्य सूची) or सूची III (समवर्ती सूची) में सभी वस्तुओं पर कानून बनाने ka कर्तव्य hai।

•इन वस्तुओं में से कुछ पुलिस, jail , सिंचाई, कृषि, स्थानीय सरकारें, सार्वजनिक स्वास्थ्य, तीर्थयात्राएँ, दफ़नाने के मैदान आदि hai।

•कुछ वस्तुएँ जिन पर संसद or राज्य दोनों कानून बना सकते hai वे hai शिक्षा, विवाह और तलाक, वन, जंगली जानवरों का संरक्षण। or पक्षी।

•विधानसभा or विधायकों की अगली महत्वपूर्ण भूमिका राजकोषीय जिम्मेदारी hai।

•विधान सभा राज्य के वित्त par नियंत्रण करती hai और उसे सरकार द्वारा सत्ता में पेश किए गए बजट को अनुमोदित करना होता hai

•और यह सुनिश्चित करना होता hai कि धन शासन के व्यवसाय के लिए पर्याप्त और उचित रूप se आवंटित किया जाता hai।

•विधानमंडल में कार्यपालिका पर भी नजर है।

• विधायक (MLA) से अपेक्षा की जाती है कि वे उन सभी कार्यक्रमों और योजनाओं की देखरेख और निगरानी करें जो कार्यकारी क्रियान्वयन करते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि वे केवल लाभार्थी सूचियों और घरों को मंजूरी देने वाली समितियों पर बैठते हैं

•और यह निर्धारित करते हैं कि स्थानीय क्षेत्र विकास निधि कैसे खर्च की जाती है।

•उनसे यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है कि सरकार की कार्यकारी शाखा अपने कार्य को जिम्मेदारी से,

•जिम्मेदारी से, पारदर्शिता से, निष्पक्ष रूप से और राजनीतिक कार्यकारी द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुरूप करें।

•राज्य विधानमंडल भारत के राष्ट्रपति का चुनाव करने में भूमिका निभाता hai।

•संसद के निर्वाचित सदस्यों के साथ विधानसभा के निर्वाचित सदस्य इस प्रक्रिया में शामिल होते hai।

भारतीय संविधान के कुछ हिस्सों को संसद द्वारा संशोधित किया जा सकता hai,

•जिनमें से आधे राज्यों की विधानसभाओं को मंजूरी दी जाएगी।

•इस प्रकार राज्य विधानसभाएँ हमारे संविधान के संशोधन की प्रक्रिया में भी भाग लेती hai।

Bharat में लगभग कुल 4120 विधायक hai। जिनको सरकार की तरफ से कई सारी सरकारी सुविधाएं प्राप्त होती hai। जैसे हर विधायक को Sarkar की तरफ से वेतन मिलता hai। जो सभी राज्यों में अलग- अलग होता hai। जिसमे वेतन के रूप में 75000 हजार रुपये मिलते hai।

इसके आलावा 2400 हजार रुपये डिज़ल खर्च के और 6000 हजार रुपये PA (Personal Assistace) रखने के मिलते hai। और प्रति माह 1200 हजार रुपये मोबाइल खर्च or इलाज खर्च के लिए मिलते hai।

इसके साथ ही विधायक को फ्री रेलवे यात्रा की आजीवन सुविधा मिलती hai। इसके साथ ही विधायाक के रेटायर्मेंट के बाद 30000 हजार रुपये pention मिलती hai। और डीज़ल खर्च के लिए 8000 हजार रुपये अलग से मिलते hai।

सभी राज्यों के विधायकों को अलग-अलग सुविधाएँ मिलती hai। जैसे तेलंगान में विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी 2.5 lakh रुपये मिलती hai। और त्रिपुता के विधायकों को सबसे कम 34000 हजार रुपये मिलते hai।

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने MLA का Full Form के साथ विधायक से जुड़ी कुछ सामान्य जानकारी के बारे में बताया hai। अगर आपको ये Post अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करे। अगर इस जानकारी से Related आपके पास कोई सुझाव या कोई भी सवाल हो तो हमे Comment करके जरूर बताये।

दोस्तों यदि आप भी MLA बनना चाहते hai तो हम आपको यह बता देना चाहते hai कि MLA बनने के लिए आपको सबसे पहले विधान सभा चुनाव me भाग लेना होगा और फिर आपको  MLA बनने के लिए किसी राजनैतिक दल se जुड़ना होता hai।

और फिर आप को किसी भी राजनैतिक दल se जुड़े रहना आवश्यक नहीं hoga और फिर आप निर्दलीय भी चुनाव को लड़ सकते hai और बता दे की आप के पास चुनाव को लड़ने के liye आप की जनता के बीच एक अच्छी पकड़ होनी चाहिए और यदि आप के पास अच्छी पकड़ hogi।

तो एक अच्छी पकड़ hone के बाद ही आप अपनी जीत को दर्ज करा sakte hai और नहीं तो आपको विरोधियों के द्वारा अपनी हार ka सामना करना पड़ता hai और बता दे की आप आपने यदि phle से ही अपने क्षेत्र में विकास का काम कराया होगा।

तो जनता आपको अपने आप ही निर्वाचित कर degi अर्थात जनता आप पर विश्वास करेगी और बहुत चांस hai कि आपको जनता के द्वारा वोट मिलेंगे जिसे आप की जीत और भी ज्यादा पक्की हो jayegi।

दोस्तों हम आपको बता दें कि MLA बनने के LIYE चुनाव प्रक्रिया से गुजरना पड़ता HAI अर्थात एमएलए के लिए वोटिंग होती HAI उस voting के आधार पर ही जिसको ज्यादा वोट milte hai वही एमएलए बनता hai और बता दे की निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदाताओं द्वारा अर्थात लोगों ke द्वारा ही चुने जाते हैं MLA विधायक के चुनाव की प्रक्रिया निम्नलिखित नीचे दी गई hai जैसे –

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