What is the full form of DA? | DA का फुल फॉर्म क्या है?

Dearness allowance का इंतजार हर सरकारी कर्मचारी को रहता है।

Corona महामारी की वजह से केंद्र सरकार ने डीए यानी महंगाई भत्ते पर ban लगा दी थी। इस तरह के कर्मचारियों को DA की तीन किस्तें मिलनी है।

आम तौर पर DA की घोषणा हर वर्ष January और July के महीने में की जाती है। आम तौर पर DA 4% के आसपास रहता है लेकिन इसे बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

इस samay केंद्रीय कर्मचारियों को 17% महंगाई भत्ता(DA) मिल रहा है और यदि सरकार ने औपचारिक तौर पर मुहर लगा दी तो यह बढ़कर 28 फीसद हो जाएगी। इसकी गणना चार फीसद, चार फीसद और तीन फीसद के आधार पर की गई है।

DA = Dearness Allowance

डी.ए.= महंगाई भत्ता

da full form in english | da full form in hindi

 महंगाई भत्ता(DA) सरकारी कर्मचारियों के rahan-sahan के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए तैयार कराया जाता है। महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारी के जीवन-प्रणाली के स्तर पर किसी तरह का स्तर ना पड़े इस इसलिए इसमें बढ़ोतरी की जाती है।  

DA सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिया जाता है। 2nd विश्वयुद्ध के दौरान इसे शुरू किया गया था। उस samay इसे खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस (Food Dearness Allowance or Dearness Food Allowance) कहते थे। 

Bharat में मुंबई से 1972 में सबसे पहले DA की शुरुआत हुई थी। इसके बाद central government सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता-DA दिया जाने लगा।

Assessment Year 2017-18 से, वेतनभोगी कर्मचारियों (salaried employees) के  महंगाई भत्ता को पूरी तरह टैक्स गणना योग्य आमदनी में शामिल कर दिया गया है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय, रिटर्न me इसका उल्लेख bhi किया जाना चाहिए।

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लेकिन, आयकर गणना योग्य आमदनी me शामिल होने ka मतलब यह नहीं hota कि उस आमदनी per आपको टैक्स देना ही पडेगा। इनकम टैक्स स्लैब ke अनुसार शुरुआती कुछ आमदनी per टैक्स छूट milti है। उससे अधिक होने per ही, किसी आमदनी per टैक्स lagta है।

जैसे कि वित्त वर्ष 2019-20 me 2.50 लाख रुपए सालाना ki आमदनी पर कोई टैक्स नहीं lagta । 60 वर्ष se अधिक उम्र वाले बुजुर्गों ke लिए बेसिक टैक्स (basic tax) छूट वाली is आमदनी की सीमा 3 लाख रुपए सालाना aur 80 वर्ष se अधिक उम्र वाले अति वरिष्ठ नागरिकों ke liye बेसिक टैक्स छूट वाली आमदनी ki सीमा 5 लाख रुपए रखी gayi hai ।

इसके अलावा bhi section 87 A के तहत, रिबेट (rebate) ke माध्यम se यह व्यवस्था है कि 5 लाख tak की टैक्सेबल इनकम per किसी भी व्यक्ति ko कोई टैक्स न भरना पडे।

महंगाई भत्ते की गिनती मूल सैलरी पर होती है.

इसकी शुरुआत 1 January 1996 से हुई थी. आम तौर पर हर 6 months में महंगाई भत्ते(DA) में बदलाव किया जाता है. हर साल January और July से नया भत्ता लागू होता है.

उदाहरण के लिए इस साल सरकार ने 29 August 2018 को महंगाई भत्ते(DA) में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. अब ये 7% से बढ़कर nine percent हो गया है. तो jitne भी 48.41 लाख सरकारी कर्मचारी और 61.17 लाख पेंशनधारक हैं, unhe बढ़ा हुआ भत्ता 1 July 2018 से मिलेगा. इससे पहले March में महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी हुई थी, जिसे one जनवरी 2018 से लागू किया गया था.

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ये महंगाई भत्ता(DA) अलग-अलग कर्मचारियों के लिए अलग-अलग hota है | शहरी क्षेत्र (Urban areas), अर्ध शहरी क्षेत्र (semi urban areas )और ग्रामीण इलाकों (and rural areas) में नौकरी करने वालों के लिए ये महंगाई भत्ता alag-alag होता है, और मिलने वाले इस पैसे पर टैक्स(tax) की छूट नहीं होती है.

कर्मचारियों ko मिलने वाले सभी अलाउंस (Allowance) पर टैक्स se छूट नहीं मिलती hai. कई ऐसे भी अलाउंस hai, जो टैक्सेबल hote हैं. Jinme se ek hai Dearness Allowance.

डियरनेस अलाउंस (DA) रोजमर्रा ke खर्च पर महंगाई ke असर को कम करने ke लिए कर्मचारी को दिया jata है. महंगाई ki दर बढ़ने के अनुपात me डियरनेस अलाउंस बढ़ता hai.

आकलन वर्ष 2017-18 के अनुसार, महंगाई भत्ता उन व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से कर योग्य है जो वेतनभोगी कर्मचारी हैं।

यदि कर्मचारियों को किराया-मुक्त (rent-free accommodation) आवास प्रदान किया जाता है, जो कि असज्जित (unfurnished ) है, जिसमें सभी आवश्यक शर्तें पूरी होती हैं, तो महंगाई भत्ता उस सीमा तक वेतन का एक हिस्सा है, जहां तक यह सेवानिवृत्ति लाभ वेतन (retirement benefit salary) का एक हिस्सा है।

आयकर अधिनियम (Income Tax Act) अनिवार्य करता है कि दाखिल रिटर्न (return filed) में महंगाई भत्ते के लिए कर देयता (liability) घोषित करनी होगी।

आसान तुलना के उद्देश्य से, हम भत्तों (allowances ) और उनकी करदेयता (taxability) को निम्नलिखित table में dekha rahe hai :

Taxable allowancesPartly-taxable allowancesTax-exempt allowances
Dearness allowance
Entertainment allowance
Overtime allowance
City compensatory allowance
Interim allowance
Project allowance
Tiffin/meals allowance
Cash allowance
Non-practicing allowance
Warden allowance
Servant allowance
HRA Fixed medical allowance
Special allowance
Govt. employees posted abroad
Sumptuary allowance
Allowance for UNO employees
City compensatory allowance

गणना के लिए, डीए को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है: औद्योगिक महंगाई भत्ता और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता।

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बीमा कराने के लिए सबसे योग्य कंपनी एलआईसी (LIC) है |

एक अनुमान के अनुसार, केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारी हैं जो सरकार से वेतन प्राप्त करते हैं। फिर 55 लाख सेवानिवृत्त केंद्र (retirement center) सरकार के कर्मचारी हैं जो पेंशन के लिए पात्र हैं।

बजट 2018 में केंद्र सरकार की हालिया घोषणा के अनुसार, महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी की गई थी। यह इन सभी लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में आया क्योंकि उनका महंगाई भत्ता 5% से बढ़ाकर 7% कर दिया गया था।

इन बदलावों से केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को खासा फायदा होने वाला है.

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