आईसीयू का फुल फॉर्म क्या है? | Full Form of ICU in Hindi.

इंटेंसिव केयर यूनिट 

HINDI में आईसीयू ka मतलब गहन चिकित्सा इकाई hai। ICU को intensive therapy unit or critical care unit (CCU) ke रूप में भी जाना जाता hai। यह एक अस्पताल ya स्वास्थ्य देखभाल सुविधा ka एक विशेष विभाग hai जो गहन देखभाल, उपचार or चिकित्सा प्रदान करता hai। ICU एक गंभीर चोट, बीमारी se पीड़ित रोगियों को गहन चिकित्सा दवा or जीवन समर्थन प्रदान करता hai। आईसीयू me उन रोगियों की देखभाल की जाती hai जिन्हें विशेष डॉक्टरों or नर्सों की एक टीम द्वारा निरंतर or करीबी निगरानी ki आवश्यकता होती hai।

आवश्यकता होने पर मरीजों को सीधे आपातकालीन विभाग या वार्ड se आईसीयू में स्थानांतरित किया जा सकता hai। यह आमतौर पर kiya जाता hai यदि रोगी की स्थिति लगातार बिगड़ती hai। उन शिशुओं के लिए एक विशेष आईसीयू hai जो समय से पहले पैदा हुए hai या गंभीर बीमारी ke साथ पैदा हुए hai। इसे neonatal intensive care unit (NICU) कहा जाता hai। आईसीयू ke पहले चिकित्सक Peter Safar the।

ICU में ADMIT कब किया जाता हैं?

When is the admission done in ICU?

जैसा की हम सब जानते ही hai जब kisi को कोई छोटी मोटी चोट लग जाती hai या कोई बीमारी हो जाता hai तो उसे सीधा ही आईसीयू में कभी भर्ती नहीं किया jata। जब कोई बीमार होता hai तो शुरुआत में उसे हॉस्पिटल ke नार्मल वार्ड में रखकर ही इलाज शुरू किया जाता hai। अगर वहा उसकी स्थिति में सुधार नहीं होता or हालत गंभीर हो जाती hai तभी उसे ICU में Admit किया जाता hai जहा उनका इलाज ख़ास देख रेख में होता hai।

हालाँकि अगर कोई दुर्घटना me गंभीर रूप se घायल हो जाता hai या गंभीर बीमारी होने par मरीज को सीधा ही आईसीयू में एडमिट किया जा सकता hai।  इसके अलावा शिशु जब समय se पहले पैदा हो जाते hai या ऐसे शिशु जो किसी बीमारी ke साथ पैदा होते hai तो उनकी विशेष देखभाल ke लिए आईसीयू में रखा जा सकता hai। नीचे कुछ ऐसे बीमारियों or चोट के नाम hai जिनके होने par आईसीयू में इलाज किया जाता hai।

  • अगर kisi का बहुत बड़ा एक्सीडेंट हुआ ho जिसमे उसे बहुत चोट लगी hai जिससे उसकी हालत गंभीर हो गयी hai तो ऐसे में Hospital के ICU में एडमिट करके इलाज kiya जाता hai।
  • दिल का दौरा पड़ने पर सीधा ही मरीज को ICU me एडमिट किया जाता hai। जहा डॉक्टर और नर्स गहन निगरानी में ट्रीटमेंट शुरू करते hai।
  • किसी कारणवश कोमा me चले जाने पर मरीज ko आईसीयू में रखा जाता hai।
  • Spinal Cord या Brain जैसे किसी बड़ी Surgery के बाद कुछ समय के लिए गहन निगरानी ke लिए ICU में मरीज को रखा जा सकता hai।
  • अगर किसी की Kidney फेल हो जाए तो उसे डायलिसिस के लिए ICU में दाखिल किया जाता hai।

ICU में इलाज के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरण

Equipment used for treatment in ICU

ICU में मरीज के विशेष देख रेख or आवश्यक सपोर्ट ke लिए कई equipment का इस्तेमाल kiya जाता hai। अगर आप कभी ICU Ward में गए hai तो आपने वहा कई Wire, Tube, Pipe or Machine देखे hogi। अगर किसी का कोई रिश्तेदार, दोस्त ya कोई और जाननेवाला कभी ICU में एडमिट होता hai तो उनके लिए ये उपकरण देखकर घबराना स्वाभाविक hai।

अगर किसी मरीज को दिल की कोई समस्या hai या फिर उसकी हालत ऐसे hai जिसमे ह्रदयगति ki देख रेख होना जरुरी hai तो उसके लिए Heart Monitor होता hai। अगर सांस की कोई दिक्कत hai तो उसके लिए vha कृत्रिम वेंटिलेटर होता hai। इसी तरह से बीमारी or आवश्यकता के अनुसार kayi तरह की मशीन or अन्य उपकरण आईसीयू में हो सकते hai।

ICU विभिन्न चिकित्सा उपकरणों se सुसज्जित hai, जिनमें से कुछ इस प्रकार hai:

  • Mechanical ventilators
  • External pacemakers
  • Defibrillator
  • ECG(Electrocardiogram) Machine
  • Anesthesia Machine
  • Laryngoscope
  • Multiparameter monitor
  • Pulse Oximeter
  • Transport Ventilator(pneumatic)
  • Ventilator (Basic)
  • Advanced Ventilator  
  • Infusion Pump
  • Syringe Pump
  • Ophthalmoscope
  • Stethoscope
  • B.P APPARATUS
  • Reverse Osmosis plant (Portable)
  • Electronic Weighing Machine
  • Continuous renal replacement therapy
  • Color Doppler  for general purpose
  • Intra Aortic Balloon Pump

आईसीयू (ICU ) की विशेषताएं

Features of ICU

इसमें नवजात बच्चों se सम्बंधित Disease का उपचार किया जाता hai | इसके अंतर्गत जन्म के बाद जिन बच्चों me कुछ कमी होती उसे ठीक kiya जाता hai |

ICU की इस यूनिट में Asthma, Influenza, डायबिटिक केटोएसिडोसी, ट्रॉमेटिक ब्रेन se सम्बंधित गंभीर Disease का इलाज किया जाता hai |

ICU की इस यूनिट में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों ka इलाज किया जाता hai, इसके लिए उन पर कड़ी निगरानी रखी जाती hai, जिससे वह किसी ko नुकसान न पहुंचा सके |

इस यूनिट को Cardiac Intensive Care Unit या Cardiovascular Intensive Care Unit ke नाम से भी jana जाता hai | इसके अंतर्गत जन्मजात ह्रदय रोग or ह्रदय से सम्बंधित बीमारियों ka उपचार किया जाता hai |

ICU की इस यूनिट me एक एम्बुलेंस रहती hai इसमें आईसीयू के सभी उपकरण लगाए जाते hai | एम्बुलेंस में डॉक्टर्स की टीम रहती hai, इसकी व्यवस्था मरीज को तुरंत ही उपचार प्रदान krne के लिए ki जाती hai |

रोगियों को आईसीयू में क्यों भेजा जाता है?

Why are patients sent to the ICU?

ICU में उन सभी रोगियों को भेजा जाता hai जिनकी स्थिति बहुत गंभीर होती है, जिन्हें इलाज की बहुत अधिक आवश्यता होती hai। jiska इलाज किसी bhi अन्य विभाग में असंभव hai क्योंकि उन सभी रोगियों को एक विशेष डॉक्टर और टीम की आवश्यकता होती hai, उदाहरण के लिए, यदि किसी का एक्सीडेंट हो जाता hai, तो उसे तुरंत आईक्यू में शिफ्ट कर दिया जाता है, ताकि मरीज को जल्दी और विशेष उपचार दिया जा sake।

Intensive Care Unit (ICU) में सभी रोगियों ko सभी प्रकार की सेवा प्रदान की जाती है जब रोगी को आईसीयू में भर्ती कराया जाता hai जब उसे चिकित्सा ki आवश्यकता hoti है, तो, यदि कोई मरीज ICU ke अंदर hai or उसके परिवार को उसके जाने की अनुमति नहीं है, ताकि उसके आराम में कोई नुकसान न ho

ICU VENTILATOR होता क्या है?

What is an ICU Ventilator?

ICU ventilator एक Machine का नाम hai जो रोगी या रोगी को सांस लेने की अनुमति देता hai, ICU ventilator उन लोगों को दिया जाता hai जिनकी स्थिति गंभीर होती hai और जो अपने दम पर सांस नहीं ले sakte hai। यदि आपको उनसे कुछ भी पूछना hai, तो वे केवल उनकी सर से जवाब दे सकते hai और उन सभी रोगियों को आराम की बहुत आवश्यकता hai, इसलिए कम से कम लोगों को उनसे मिलने की अनुमति hai।

ventilator मुख्य रूप से दो तरह के hote हैं। पहला Mechanical VENTILATOR और दूसरा non- invensive ventilation । मेकेनिकल ventilator के ट्यूब को मरीज ke सांस नली से जोड़ दिया जाता hai, जो फेफड़े तक oxygen ले जाता hai। ventilator मरीज के शरीर से Carbon dioxide को बाहर खींचता hai और oxygen को अंदर भेजता hai। दूसरे प्रकार के ventilator को सांस नली से नहीं जोड़ा जाता hai, बल्कि मुंह और नाक को कवर करते हुए एक mask लागाया जाता hai जिसके जरिए इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता hai। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, Covid 19 से संक्रमित 80 पर्सेंट मरीज Hospital गए बिना ठीक हो जाते हैं, लेकिन 6 में से एक मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती hai और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगती hai। ऐसे मरीजों में वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता hai। फेफड़ों में water भर जाता hai, जिससे सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता hai। शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती hai। इसलिए वेंटिलेटर्स की importance होती hai। इसके जरिए मरीज के शरीर में oxygen की मात्रा को समान्य बनाया जाता hai। 

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